कलेक्टर तुलिका प्रजापति का कड़ा निर्देश, आंगनबाड़ियों में बच्चों की सुरक्षा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता, स्वास्थ्य सेवाओं में लाएं सुधार

मोहला |

जिले में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) की एक महत्वपूर्ण संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने दोनों विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की और मैदानी स्तर पर सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के कड़े निर्देश दिए।
कलेटर श्रीमती प्रजापति ने स्पष्ट किया कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आंगनबाड़ियों में सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता से समझौता नहीं
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को दोटूक निर्देश दिए कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रों में बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार मीनू के अनुसार और उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए। साथ ही केंद्रों में साफ-सफाई और बच्चों के अनुकूल सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
HRP (हाई रिस्क प्रेगनेंसी) मामलों की होगी दैनिक मॉनिटरिंग
स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से जिले के सभी हाई रिस्क प्रेगनेंसी (HRP) यानी जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के मामलों की दैनिक स्तर (Daily Monitoring) पर कड़ाई से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि ऐसी महिलाओं को समय पर चिकित्सकीय परामर्श और संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) की सुविधा मिलना सुनिश्चित किया जाए।
समय-सीमा में पूरा करें सरकारी योजनाएं
कलेक्टर ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए, ताकि अंतिम छोर पर बैठे पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के पहुंच सके।
इस उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO), परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर और दोनों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।