छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध! रायपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ताबड़तोड़ छापेमारी, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

रायपुर |
छत्तीसगढ़ में आम जनता की सेहत से खिलवाड़ रोकने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेशभर में एनालॉग पनीर (अखाद्य तेल व वनस्पति फैट से तैयार पनीर) के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है।
शासन के इस सख्त आदेश के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम एक्शन मोड में आ गई है।
रायपुर में निर्माता फर्मों का औचक निरीक्षण
राज्य सरकार के निर्देशों का पालन कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की विशेष टीम ने राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न एनालॉग पनीर निर्माता फर्मों और प्रसंस्करण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान इन फर्मों में फिलहाल एनालॉग पनीर या उससे जुड़े अन्य प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का विनिर्माण, भंडारण या विक्रय नहीं पाया गया।
विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से मिलावटखोरों और नकली पनीर बनाने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
उल्लंघन करने पर होगी जेल व भारी जुर्माने की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सरकार के इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी निर्माता, विक्रेता या सप्लायर को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI Act) के तहत सख्त से सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे शुद्ध और असली डेयरी पनीर का ही उपयोग करें तथा मिलावटी व एनालॉग पनीर की सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।
