कवर्धा: कबीरधाम में करोड़ों की PMGSY सड़क का बिना तिथि का सूचना बोर्ड! विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत पर उठे गंभीर सवाल

कवर्धा |
कबीरधाम (कवर्धा) जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत स्वीकृत करोड़ों रुपये की सड़क निर्माण योजना कार्य शुरू होने से पहले ही विवादों और भ्रष्टाचार की आशंकाओं के घेरे में आ गई है। कांदावानी से डेंगूरजाम अमनिया (L-041) मार्ग पर लगाए गए आधिकारिक सूचना बोर्ड से निर्माण कार्य की ‘प्रारंभ तिथि’ और ‘पूर्णता तिथि’ का ही गायब होना, विभाग व ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

शासकीय नियमों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक निर्माण कार्य के सूचना बोर्ड पर कार्य शुरू होने और समाप्त होने की तिथि का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
₹266.82 लाख की लागत, पर समय-सीमा की जानकारी गायब
मौके पर लगाए गए सूचना बोर्ड के अनुसार:
- सड़क की लंबाई: 2.91 किलोमीटर
- स्वीकृत निर्माण लागत: ₹266.82 लाख (करोड़ों रुपये)
- अनुबंध क्रमांक: 26/DL (दिनांक 31-03-2026)
- ठेकेदार का नाम: मैसर्स आर.के. कंस्ट्रक्शन, बिलासपुर रोड कवर्धा
- कार्यपालन एजेंसी: PIU, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, कवर्धा
इतनी भारी-भरकम राशि के प्रोजेक्ट में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु—’कार्य प्रारंभ तिथि’ और ‘कार्य पूर्णता तिथि’—को जानबूझकर खाली छोड़ दिया गया है।
दुर्गम वनांचल का फायदा उठाकर लीपापोती की तैयारी?
यह सड़क घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरती है, जहां आम नागरिकों और उच्च अधिकारियों की पहुंच व निगरानी बेहद सीमित रहती है। दूरस्थ अंचल होने के कारण यहाँ कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर निगरानी रख पाना कठिन होता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में अधूरी जानकारी वाला बोर्ड लगाना इस बात की ओर इशारा करता है कि समय-सीमा और गुणवत्ता की जवाबदेही से बचने के लिए यह खेल रचा गया है।
स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से भविष्य में निर्माण अवधि बढ़ाने और वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम देने की जमीन तैयार की जा रही है।
नागरिकों ने उठाई निष्पक्ष जांच और स्पष्टीकरण की मांग
क्षेत्रवासियों और जागरूक नागरिकों ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शासन से मांग की है कि:
- संबंधित विभाग (PMGSY PIU कवर्धा) इस मामले में तत्काल आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करे।
- सूचना बोर्ड पर निर्माण की समय-सीमा और अनिवार्य जानकारियां तुरंत अंकित कराई जाएं।
- दुर्गम क्षेत्र में हो रहे इस करोड़ों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समय-सीमा और वित्तीय प्रक्रिया की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग हो सके।