गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को दी ‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ और ‘मोबाइल फॉरेंसिक वैन’ की सौगात, अब एक कॉल पर मिलेगी त्वरित मदद!

रायपुर [18 मई 2026] | छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह हाईटेक बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का भव्य शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में गृह मंत्री शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों और 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री श्री विजय शर्मा और डीजीपी श्री अरुण देव गौतम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
📍 ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’— अब एक ही नंबर पर मिलेगी हर मदद

’एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह नई सेवा पुलिस, अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) और चिकित्सा आपातकाल (मेडिकल इमरजेंसी) को एक साथ जोड़ेगी:
- हाईटेक गाड़ियां: शुरू किए गए 400 नए वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी अत्याधुनिक तकनीकें मौजूद हैं।
- 24×7 मॉनिटरिंग: यह सेवा चौबीसों घंटे चालू रहेगी। इसमें स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी एडवांस तकनीक है, जिससे मदद मांगने वाले की लोकेशन तुरंत पता चल जाएगी।
- जुड़ने के कई माध्यम: नागरिक केवल वॉयस कॉल ही नहीं, बल्कि एसएमएस, ईमेल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के जरिए भी तत्काल मदद पा सकेंगे।
📍 ‘Science on Wheels’— मौके पर ही होगी वैज्ञानिक जांच
‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम के तहत शुरू की गई 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराधियों को सजा दिलाने और जांच की रफ्तार बढ़ाने में गेम-चेंजर साबित होंगी:
- सटीक जांच, त्वरित न्याय: लगभग 65 लाख रुपये की लागत वाली इन वैनों के जरिए अब साक्ष्यों के प्रयोगशाला पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि घटनास्थल पर ही फिंगरप्रिंट डिटेक्शन, नार्कोटिक्स टेस्ट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट और गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण जैसी प्रारंभिक जांच की जा सकेगी।
- साक्ष्य रहेंगे सुरक्षित: इससे जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा और साक्ष्यों के दूषित होने का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को नया बल
इस अवसर पर बताया गया कि साय सरकार का उद्देश्य राज्य में समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच प्रणाली सुनिश्चित करना है। इन अत्याधुनिक सेवाओं के शुरू होने से न केवल आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आम जनता का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर भरोसा और अधिक मजबूत होगा।